Rah Veer Yojana : सड़क हादसे में घायल की जान बचाई तो सरकार देगी ₹25,000 इनाम, जानिए पूरी योजना

राह-वीर योजना ( Rah Veer Yojana ) के तहत सड़क हादसे में घायल की मदद करने पर मिलेंगे ₹25,000, साथ ही 10 लोगों को मिलेगा ₹1 लाख राष्ट्रीय पुरस्कार। पूरी जानकारी पढ़ें।

Rah Veer Yojana :

सड़क हादसों के बाद लोगों की जान बचाने के लिए सरकार ने एक नई पहल को मंजूरी दी है, जिसे राह-वीर योजना( Rah Veer Yojana ) के नाम से लागू किया गया है। यह व्यवस्था 31 मार्च 2026 तक प्रभावी रहेगी। इसका मकसद यह है कि दुर्घटना के समय आसपास मौजूद लोग डर या झिझक में पीछे न हटें, बल्कि घायल व्यक्ति की मदद के लिए आगे आएं। अगर कोई नागरिक किसी गंभीर सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को समय रहते अस्पताल पहुंचाने में भूमिका निभाता है और इलाज शुरू करवाने में मदद करता है, तो उसे इस योजना के तहत प्रोत्साहन दिया जाएगा। खासतौर पर हादसे के बाद का पहला एक घंटा इस योजना का केंद्र बिंदु है।

राह-वीरों को मिलेगा दोहरा प्रोत्साहन

सड़क दुर्घटनाओं में मानवता का परिचय देने वाले लोगों को राह-वीर योजना (Rah Veer Yojana) के तहत अब केवल राज्य स्तर तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें देशभर में पहचान मिलेगी। पूरे वर्ष के दौरान चुने गए राह-वीरों में से 10 व्यक्तियों का चयन राष्ट्रीय स्तर पर किया जाएगा, जिन्हें प्रत्येक को ₹1 लाख की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी।

इसके अलावा, किसी घायल को तुरंत सहायता पहुंचाने वाले नागरिकों को ₹25,000 की प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। इस पहल को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं जलवायु मंत्रालय ने झारखंड सहित सभी राज्यों को आवश्यक जानकारी भेजी है, जिसके बाद राज्य में योजना को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया विभागीय स्तर पर शुरू हो चुकी है।

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योजना का उद्देश्य क्या है

अक्सर हादसे के बाद लोग कानूनी या सामाजिक डर के कारण मदद करने से पीछे हट जाते हैं। राह-वीर योजना (Rah Veer Yojana) का उद्देश्य इसी मानसिकता को बदलना है, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम किया जा सके। सरकार का प्रयास है कि हर नागरिक बिना किसी भय के घायल व्यक्ति की सहायता करे और उसे समय रहते इलाज मिल सके।

अब मदद करने से डरने की जरूरत नहीं

अक्सर लोग यह सोचकर पीछे हट जाते हैं कि कहीं मदद करने पर उन्हें कानूनी या प्रशासनिक दिक्कतों का सामना न करना पड़े। लेकिन राह-वीर योजना (Rah Veer Yojana) के अंतर्गत ऐसा नहीं होगा। जो व्यक्ति घायल को अस्पताल पहुंचाने में सहायता करता है, उस पर न तो पुलिस की ओर से अनावश्यक पूछताछ का दबाव बनाया जाएगा और न ही अस्पताल प्रशासन कोई बाधा डालेगा। मामले की सच्चाई की जांच चिकित्सा विशेषज्ञों और कानून व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों की एक संयुक्त टीम द्वारा की जाएगी। सत्यापन पूरा होने के बाद ही प्रोत्साहन राशि देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

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पहली सूचना देने वाला बनेगा राह-वीर

दुर्घटना की सूचना देने में सबसे पहले पहल करने वाले व्यक्ति को राह-वीर माना जाएगा। पुलिस घटना की पुष्टि के लिए अस्पताल में इलाज कर रहे डॉक्टर से जानकारी लेगी। इसके बाद उस व्यक्ति को पुलिस की ओर से आधिकारिक पावती दी जाएगी, जिसमें उसकी पहचान, संपर्क विवरण, दुर्घटना का समय और स्थान, साथ ही यह उल्लेख होगा कि उसने घायल की सहायता कैसे की। यह पूरा रिकॉर्ड आगे जिला स्तर पर बनी मूल्यांकन समिति को सौंपा जाएगा, ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके।

नोट: यह ब्लॉग केवल जानकारी के उद्देश्य से है। आवेदन करने से पहले कृपया सरकारी वेबसाइट पर जाकर नवीनतम निर्देशों और पात्रता की पुष्टि जरूर करें।
हम किसी नुकसान के लिए उत्तरदायी नहीं होंगे।

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