ड्रैगन फ्रूट की खेती पर मिलेगा 60% अनुदान! बिहार सरकार की ड्रैगन फ्रूट विकास योजना से किसान पाएं 2.7 लाख रुपये की सब्सिडी। अभी जानें पूरी जानकारी और आवेदन प्रक्रिया।
Dragon Fruit Vikas Yojana
राज्य सरकार ने किसानों की आमदनी बढ़ाने और आधुनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए “ड्रैगन फ्रूट विकास योजना”(Dragon Fruit Vikas Yojana) की शुरुआत की है। इस योजना के तहत किसानों को खेती की लागत का 60% अनुदान मिलेगा। यह योजना 2025-26 से 2026-27 तक लागू होगी। ड्रैगन फ्रूट की खेती का प्रति हेक्टेयर खर्च लगभग 6.75 लाख रुपये माना गया है। इस पर किसानों को कुल 2.7 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी, जिसमें पहली किस्त 1.62 लाख रुपये और दूसरी किस्त 1.08 लाख रुपये शामिल होगी।
Dragon Fruit Vikas Yojana क्या है
सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से ड्रैगन फ्रूट विकास योजना शुरू की है। इस योजना को मुख्यमंत्री बागवानी मिशन के अंतर्गत चलाया जा रहा है। इसके तहत किसानों को ड्रैगन फ्रूट की खेती पर 60% तक की आर्थिक सहायता मिलती है। यह फल अपनी पोषण क्षमता और औषधीय गुणों के कारण “सुपर फ्रूट” के रूप में जाना जाता है। बाजार में इसकी कीमत 80 से 120 रुपये प्रति फल तक मिलती है, जबकि एक फल का औसत वजन लगभग 500 ग्राम होता है। यही कारण है कि सरकार चाहती है कि अधिक से अधिक किसान इसकी खेती करें और अपनी आमदनी में इजाफा करें।
Dragon Fruit Vikas Yojana लागू होने वाले जिले
बिहार में ड्रैगन फ्रूट विकास योजना को चरणबद्ध तरीके से 23 जिलों में लागू किया जाएगा। इनमें प्रमुख रूप से अररिया, औरंगाबाद, बेगूसराय, भागलपुर, भोजपुर, बक्सर, दरभंगा, गया, जमुई, कैमूर, कटिहार, किशनगंज, लखीसराय, मधेपुरा, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, नवादा, पूर्णिया, रोहतास, समस्तीपुर, सारण, शेखपुरा और सीवान जिलों के किसान शामिल हैं। इन क्षेत्रों के किसानों को सरकार द्वारा 60 % तक आर्थिक सहायता दी जाएगी।
Dragon Fruit Vikas Yojana के लिए सरकार की ओर से मिलने वाली सब्सिडी
ड्रैगन फ्रूट की खेती महंगी मानी जाती है क्योंकि प्रति हेक्टेयर इसकी लागत लगभग 6.75 लाख रुपये आती है। किसानों का आर्थिक बोझ कम करने के उद्देश्य से बिहार सरकार ने ड्रैगन फ्रूट विकास योजना(Dragon Fruit Vikas Yojana) शुरू की है। इस योजना के तहत किसानों को कुल 2.7 लाख रुपये की सहायता दी जाती है। यह सब्सिडी दो किस्तों में जारी की जाती है—पहली किस्त 1.62 लाख रुपये और दूसरी किस्त 1.08 लाख रुपये के रूप में किसानों के खाते में भेजी जाती है।
किसानों के लिए फायदेमंद फसल
ड्रैगन फ्रूट उन फसलों में गिना जाता है जिसकी मांग बाजार में काफी अधिक रहती है और इसकी खेती में पानी की खपत भी बेहद कम होती है। एक बार रोपण करने पर किसान कई वर्षों तक इससे लाभ उठा सकते हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि इस योजना से किसानों की आय स्थिर होगी और बिहार में नई बागवानी फसलों को भी बढ़ावा मिलेगा।
नोट: यह ब्लॉग केवल जानकारी के उद्देश्य से है। आवेदन करने से पहले कृपया सरकारी वेबसाइट पर जाकर नवीनतम निर्देशों और पात्रता की पुष्टि जरूर करें।
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