आवारा पशु योजना ( Awara Pashu Yojana ) के तहत आवारा पशु पालकर हर महीने ₹12,000 तक कमाने का मौका। ग्राम गौर सेवक और गौशाला योजना की पूरी जानकारी यहां जानें।
Awara Pashu Yojana :
अब आवारा पशु बोझ नहीं, बल्कि कमाई का साधन बनेंगे। उत्तराखंड सरकार की आवारा पशु योजना ( Awara Pashu Yojana ) के अंतर्गत ग्राम गौर सेवक योजना और गौशाला योजना लागू की गई हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य आवारा मवेशियों को सुरक्षित स्थान देना और किसानों की फसल को नुकसान से बचाना है। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोग अगर इन पशुओं को आश्रय देते हैं, तो सरकार उन्हें हर महीने ₹12,000 तक की सहायता राशि देगी। पशुपालन विभाग द्वारा चलाई जा रही ये योजनाएं गांवों में रोजगार और पशु संरक्षण — दोनों को बढ़ावा देंगी।
1. ग्राम गौर सेवक योजना
ग्रामीण क्षेत्रों में आवारा पशुओं की समस्या को कम करने के लिए आवारा पशु योजना ( Awara Pashu Yojana ) के तहत ग्राम गौर सेवक योजना लागू की गई है। इसके अंतर्गत जो लोग सड़कों पर घूम रहे नर पशुओं को अपनाते हैं, उन्हें हर पशु के लिए 80 रुपये प्रतिदिन की सहायता दी जाती है। एक व्यक्ति अधिकतम पांच पशुओं की देखभाल कर सकता है। खास बात यह है कि पशुओं का इलाज और स्वास्थ्य जांच पूरी तरह निशुल्क होती है। इस व्यवस्था से हर महीने लगभग 12 हजार रुपये की आय संभव हो जाती है।
2. गौशाला योजना
सरकार की आवारा पशु योजना ( Awara Pashu Yojana ) के अंतर्गत गौशाला योजना को खास महत्व दिया गया है। इस योजना में गौसदन संचालक अपनी क्षमता के अनुसार किसी भी संख्या में निराश्रित पशुओं को रख सकते हैं। हर पशु पर 80 रुपये की दर से सहायता दी जाती है, जिससे चारा और देखभाल का खर्च आसानी से पूरा हो सके।
Awara Pashu Yojana के मुख्य लक्ष्य और फायदे
निराश्रित पशुओं की देखभाल और किसानों की सुरक्षा — दोनों को ध्यान में रखते हुए आवारा पशु योजना ( Awara Pashu Yojana ) को लागू किया गया है। इस योजना के जरिए खुले में घूम रहे पशुओं को सुरक्षित आश्रय, समय पर भोजन और बेहतर देखभाल मिलेगी। जब ये पशु सड़कों और खेतों से हटेंगे, तो किसानों की फसलें भी सुरक्षित रहेंगी और नुकसान में बड़ी कमी आएगी। यह योजना खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बनाई गई है, ताकि गांव के लोगों को अतिरिक्त आमदनी का जरिया मिल सके और पशुओं की जिम्मेदारी सही तरीके से निभाई जा सके।
FAQs
Awara Pashu Yojana क्या है?
आवारा पशु योजना उत्तराखंड सरकार की एक पहल है, जिसके तहत आवारा और निराश्रित पशुओं को सुरक्षित आश्रय दिया जाता है। इस योजना के माध्यम से ग्रामीण लोगों को पशु पालने पर आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाती है।
इस योजना के तहत कितनी आर्थिक सहायता मिलती है?
आवारा पशु योजना ( Awara Pashu Yojana )के अंतर्गत पशुओं की देखभाल करने पर प्रति माह ₹12,000 तक की सहायता राशि दी जाती है, जो सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है।
यह योजना किन क्षेत्रों में लागू है?
यह योजना केवल ग्रामीण क्षेत्रों में लागू की गई है, ताकि गांव के लोगों को रोजगार मिले और आवारा पशुओं की समस्या को जड़ से खत्म किया जा सके।
इस योजना का किसानों को क्या फायदा होगा?
इस योजना से आवारा पशुओं को खेतों से हटाया जाएगा, जिससे फसल नुकसान में कमी आएगी और किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।
नोट: यह ब्लॉग केवल जानकारी के उद्देश्य से है। आवेदन करने से पहले कृपया सरकारी वेबसाइट पर जाकर नवीनतम निर्देशों और पात्रता की पुष्टि जरूर करें।
हम किसी नुकसान के लिए उत्तरदायी नहीं होंगे।