महिलाओं के लिए खुशखबरी: पहली बार मां बनने पर सरकार दे रही है ₹5,000, जानें पूरी जानकारी Pradhan Mantri Matru Vandana Yojana

​प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना ( Pradhan Mantri Matru Vandana Yojana ) में ₹5,000 की मदद, फेस बायोमेट्रिक सत्यापन, शिकायत दर्ज करने की सुविधा और ऑनलाइन स्टेटस चेक – पूरी जानकारी यहां पढ़ें।

Pradhan Mantri Matru Vandana Yojana

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना ( Pradhan Mantri Matru Vandana Yojana ) आज देश की करोड़ों महिलाओं के लिए एक मजबूत सहारा बन चुकी है। गर्भावस्था के समय जब अतिरिक्त खर्च बढ़ जाता है, तब यह योजना आर्थिक मदद देकर महिलाओं को राहत देती है। इस योजना की शुरुआत साल 2017 में की गई थी, ताकि माताओं और नवजात शिशुओं की सेहत को बेहतर बनाया जा सके। सरकार पहले बच्चे के जन्म पर ₹5,000 की सहायता देती है। इसके अलावा अगर दूसरा बच्चा बेटी के रूप में जन्म लेता है, तो उस स्थिति में ₹6,000 की मदद दी जाती है।

PMMVY में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए फेस बायोमेट्रिक व्यवस्था

सरकार ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना ( Pradhan Mantri Matru Vandana Yojana ) को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए नई व्यवस्था लागू की है। 21 मई 2025 से योजना के तहत सभी नए रजिस्ट्रेशन में चेहरे की पहचान के जरिए बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है। इस प्रक्रिया को पोषण ट्रैकर पर उपलब्ध फेस रिकग्निशन सिस्टम (FRS) से पूरा किया जाएगा। वहीं जिन क्षेत्रों में यह सिस्टम उपलब्ध नहीं है, वहां आधार FaceRD ऐप के माध्यम से UIDAI आधारित फेस ऑथेंटिकेशन की सुविधा दी जा रही है, ताकि किसी भी पात्र महिला को परेशानी न हो।

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PMMVY में शिकायत दर्ज करना हुआ आसान

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना ( Pradhan Mantri Matru Vandana Yojana )के तहत अब महिलाओं को शिकायत के लिए अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सरकार ने एकीकृत शिकायत निवारण सिस्टम शुरू किया है, जिससे महिलाएं आसानी से अपनी समस्या दर्ज करा सकती हैं। इसके लिए पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत करने के साथ-साथ हेल्पलाइन नंबर 1515 की सुविधा भी दी गई है।

ऑनलाइन देखें आवेदन और भुगतान की स्थिति

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना ( Pradhan Mantri Matru Vandana Yojana )के तहत लाभार्थी महिलाओं को अब अपने आवेदन और भुगतान की स्थिति जानने के लिए किसी कार्यालय जाने की जरूरत नहीं है। महिलाएं अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर या लाभार्थी आईडी की मदद से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर लॉग इन कर स्टेटस देख सकती हैं। इस सुविधा से पारदर्शिता बढ़ती है और समय पर जानकारी मिलना आसान हो जाता है।

PMMVY में ‘नियत सूची’ व्यवस्था की शुरुआत

सरकार ने लाभार्थियों तक पहुंचने का तरीका पूरी तरह बदल दिया है। अब यह जरूरी नहीं रह गया है कि महिलाएं खुद आवेदन के लिए दफ्तर पहुंचें। 1 जुलाई 2025 से शुरू की गई ‘नियत सूची’ व्यवस्था के तहत पोषण ट्रैकर में दर्ज जानकारी के आधार पर गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं की पहचान की जाती है। इसके बाद यह जानकारी सीधे आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं तक पहुंचाई जाती है। फील्ड में तैनात कर्मचारी हर महिला की स्थिति की जांच करते हैं और या तो उसका पंजीकरण करते हैं, या फिर उचित कारण दर्ज कर उसका नाम सूची से हटाते हैं।

₹5,000 एक साथ नहीं, तीन मौके पर क्यों मिलते हैं

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना ( Pradhan Mantri Matru Vandana Yojana ) में आर्थिक सहायता एक बार में नहीं दी जाती, बल्कि गर्भावस्था से लेकर बच्चे के शुरुआती स्वास्थ्य तक के सफर के साथ जुड़ी होती है। जब महिला गर्भ ठहरने के बाद समय पर पंजीकरण कराती है, तो शुरुआती सहायता के रूप में ₹1,000 दिए जाते हैं। इसके बाद, गर्भावस्था के मध्य चरण में जरूरी स्वास्थ्य जांच पूरी करने पर अगली राशि जारी होती है। बच्चे के जन्म के बाद, जब उसका पंजीकरण और प्रारंभिक टीकाकरण पूरा हो जाता है, तब शेष राशि दी जाती है। इस पूरी व्यवस्था का उद्देश्य हर चरण पर मां और शिशु की देखभाल को प्राथमिकता देना है।

नोट: यह ब्लॉग केवल जानकारी के उद्देश्य से है। आवेदन करने से पहले कृपया सरकारी वेबसाइट पर जाकर नवीनतम निर्देशों और पात्रता की पुष्टि जरूर करें।
हम किसी नुकसान के लिए उत्तरदायी नहीं होंगे।

 

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