प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) :
रक्षाबंधन से ठीक पहले केंद्र सरकार ने देश की करोड़ों बहनों को एक बड़ी खुशखबरी दी है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत मिलने वाली LPG गैस सब्सिडी को वित्त वर्ष 2025-26 में भी जारी रखने की मंजूरी मिल गई है। इसके लिए केंद्र सरकार ने ₹12,000 करोड़ का बजट पास किया है।
इस फैसले से देशभर में 10.33 करोड़ से ज्यादा महिलाएं लाभान्वित होंगी, जो उज्ज्वला योजना के तहत सब्सिडी वाली रसोई गैस का इस्तेमाल कर रही हैं।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) का नया सब्सिडी नियम?
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योजना के तहत महिलाओं को 14.2 किलो वाले 9 गैस सिलेंडरों पर ₹300 प्रति सिलेंडर की सब्सिडी मिलेगी।
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यह सब्सिडी सीधे महिला मुखिया के बैंक खाते में भेजी जाएगी।
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अगर कोई परिवार साल में सभी 9 सब्सिडी वाले सिलेंडर लेता है, तो उसे कुल ₹2,700 की आर्थिक मदद मिलेगी।
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पहले 12 सिलेंडरों पर ₹200 प्रति सिलेंडर सब्सिडी मिलती थी, लेकिन अब सिलेंडरों की संख्या कम करके राशि बढ़ा दी गई है।
सब्सिडी बढ़ाने के पीछे कारण
सरकार का उद्देश्य है कि गैस की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर गरीब परिवारों पर न पड़े। पहले LPG के दाम बढ़ने से ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ जाता था। अब बढ़ी हुई सब्सिडी से यह बोझ काफी हद तक कम होगा।
उज्ज्वला योजना का सफर: शुरुआत से अब तक का बदलाव
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत 1 मई 2016 को हुई थी, जिसका मकसद था – ग्रामीण और गरीब परिवारों की महिलाओं को मुफ्त LPG कनेक्शन देकर उन्हें धुएं से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं से बचाना। योजना शुरू होने से पहले लाखों घरों में लकड़ी, गोबर और कोयले जैसे पारंपरिक ईंधन का इस्तेमाल होता था, जो न केवल सेहत के लिए हानिकारक था बल्कि पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचाता था।
लॉन्च के बाद से यह योजना तेजी से आगे बढ़ी और आज 10 करोड़ से ज्यादा परिवार इससे जुड़ चुके हैं। इससे देशभर में रसोई गैस की पहुंच बढ़ी है और ग्रामीण इलाकों में साफ ईंधन का इस्तेमाल पहले से ज्यादा होने लगा है।
खपत के आंकड़े भी इस बदलाव को साफ दिखाते हैं—वित्त वर्ष 2019-20 में प्रति लाभार्थी औसतन 3 सिलेंडर की खपत थी, जो 2022-23 में बढ़कर 3.68 सिलेंडर हो गई। 2024-25 में यह औसत और बढ़कर 4.47 सिलेंडर प्रति वर्ष तक पहुंच गया। यह दर्शाता है कि महिलाएं अब पहले से ज्यादा गैस सिलेंडर का उपयोग कर रही हैं और धीरे-धीरे धुएं वाले ईंधन पर निर्भरता घट रही है।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY)लाभ कैसे मिलेगा?
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लाभार्थी का नाम उज्ज्वला योजना की लिस्ट में होना चाहिए।
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सिलेंडर खरीदने के बाद सब्सिडी की राशि सीधे बैंक खाते में आएगी।
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एक साल में अधिकतम 9 सिलेंडरों पर ही सब्सिडी मिलेगी।
उज्ज्वला योजना का असर
महिलाओं का स्वास्थ्य सुधरा, धुएं से होने वाली बीमारियां कम हुईं।
रसोई का काम तेज और सुरक्षित हुआ।
पर्यावरण में प्रदूषण की मात्रा घटी।
महिलाओं का समय और मेहनत बचा, जिससे वे अन्य कामों में समय दे पा रही हैं।
नोट: यह ब्लॉग केवल जानकारी के उद्देश्य से है। आवेदन करने से पहले कृपया सरकारी वेबसाइट पर जाकर नवीनतम निर्देशों और पात्रता की पुष्टि जरूर करें।
हम किसी नुकसान के लिए उत्तरदायी नहीं होंगे।